स्वतंत्र भारत के झांकी : भाग – 28

अध्याय – 4 “लोकतांत्रिक क्रांति अउरी राजनितिक उथल-पुथल  – 4”
जनता पार्टी के विघटन अउरी कांग्रेस के वापसी – ‘अ’

अभी तक हमनी के पहिला अध्याय ‘राष्ट्र एकीकरण के चुनौती’ के बारे में देखनी जा| एह अध्याय में हमनी के एह बात से अवगत भईनी जा कि कईसे लार्ड माउंटबेटेंन, सरदार पटेल, जवाहर लाल नेहरु अउरी वी.पी. मेनन के टीम पाहिले त्रावनकोर ओकरा बाद जोधपुर, जैसलमेर, जूनागढ़, हैदराबाद अउरी कश्मीर के एकीकरण करे में सफल भईले जा| दूसरा अध्याय ‘देश के भीतर मूलभूत एकीकरण’ में हमनी के देखनीजा कि कईसे सबसे पहले प्रशासनिक एकीकरण भईल, ओकरा बाद आर्थिक एकीकरण, सामाजिक एकीकरण भईल| एकरा अलावां राज्यन के भाषाई एकीकरण अउरी क्षेत्रीयता के खिलाफ एकीकरण प भी चर्चा कईनी जा| ओकरा बाद तीसरा अध्याय ‘भारत के पडोसी देशन से युद्ध’ शुरू भईल जवन भारत के पडोसी देशन के साथे भईल सारा युद्ध भईल, ओकरा बारें में विस्तार से चर्चा भईल| पाहिले भारत-पाकिस्तान 1947 के बात भईल ओकरा बाद 1962 के भारत-चीन युद्ध, फिर पाकिस्तान के साथे भईल 1965, 1971 अउरी 1999 के कारगिल युद्ध के बात भईल| चउथा अध्याय ‘लोकतांत्रिक क्रांति अउरी राजनितिक उथल-पुथल” शुरू हो चुकल बा| एह अध्याय के तीसरा अंक….

हमनी के एह अध्याय के पहिला अंक में आपातकाल के बारे में चर्चा कईनी जा| ओकरा बाद दूसरा अंक में जयप्रकाश आन्दोलन के बात भईल| तीसरा अंक में आन्दोलन के प्रतिफल के बारे में बात भईल| जनतो के इ उम्मीद रहे कि परिवर्तन से सुधार जरूर आई अउरी आर्थिक स्थिति भी पाहिले से बेहतर होई| लेकिन देश के जनता ओह समय इ आकलन करे में असफल रहे कि जनता पार्टी में जतना दल के लोग बा उ लोग भिन्न नीतियन अउरी विचारन से पोषित रहे| एह कारण से सैद्धांतिक रूप से ओह लोग में आतंरिक मतभेद उत्पन्न हो गईल रहे| एह मतभेद के चलते जनता पार्टी के विघटन शुरू होखे लागल रहे| इ उहे जनता पार्टी रहे जवन कांग्रेस से सिंहासन खाली करवईले रहे ताकी जनता जाई ओह प बईठे| लेकिन सिंहासन मिलते बहुत कुछ बदल गईल| नेता लोगन के व्यक्तिगत विकास प्राथमिक होखे लागल रहे| सबसे मुख्य बात इ रहे कि मोरारजी देसाई एगो अईसन कैबिनेट के मुखिया बनल रहले जवना के ज्यादातर नेता आपन राजनितिक जीवन विपक्षी दल में बितवले रहे|

सरकार बनला के तुरंत बाद मोरारजी देसाई के नेतृत्व वाला ‘जनता पार्टी’, आपातकाल के हिसाब लेवे में जुड़ गईल| 7 अप्रिल 1977 के नया बनल सरकार सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायधीश ‘जस्टिस जे. सी. शाह’ के अध्यक्षता में जांच पड़ताल के जिम्मा सौपलस| एहिजा इंदिरा गाँधी के थोडा मुश्किल के दौर जरूर शुरू हो गईल| ओह समय उहाँ के डेराइल रही| अपना बारे में कम लेकिन संजय गाँधी के लेके कुछ ज्यादा परेशान रहीं| उहाँ के मिलल बहुमत से बहुत डेराइल रही| चुकी उहाँ के एह चीज के डर रहे कि जनता आपातकाल में भईल शोषण के लेके संजय गाँधी प हमला मत क देवो| एह से इंदिरा गाँधी के सामने संजय गाँधी के बचावे के सबसे बड चुनौती रहे| इंदिरा गाँधी के लईकाई के मित्र पुपुल जयकर के माध्यम से उहाँ के मोरारजी देसाई तक एगो सन्देश भेजवइली| ओह सन्देश के मूल भावना इ रहे कि इंदिरा गाँधी ना त कांग्रेस के अध्यक्ष बनल चाहत बाड़ी अउरी नाही राष्ट्रपति| इहाँ तक कि राजनीती से भी दूर रहे प विचार करत बाड़ी| अब एहिजा एगो सवाल इ उठत बा कि का सच में इंदिरा गाँधी एगो हार के चलते राजनीती छोड़े तक के बात तय कर लेले रही|

इ बात सही रहे कि राजनीती से तनी दुरी बनावे के मन बनईले रहे| लेकिन ओकरा पीछे कारन इ रहे कि उहाँ प जवना प्रकार के आरोप लागल रहे, अगर उ कोर्ट में ढंग से पेश हो जईती त शायद इंदिरा गाँधी के राजनितिक कैरियर ओइसही चउपट हो जाईत| इहे ना बल्कि उहाँ के स्वतंत्र रहल भी बहुत मुश्किल हो जाईत| मोरारजी देसाई प इंदिरा गाँधी के सन्देश के कवनो असर बा परल| इहाँ तक कि मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री आवास बहुत जल्दीए छोड़े प भी मजबूर कई देले रहन| परिणामस्वरूप उहाँ के पूरा परिवार के साथे प्रधानमंत्री आवास छोड़ के 12 विल्लिंगटन क्रिसेंट बंगला में जाए के पर गईल| आपन भाई बी. के. नेहरु खातिर लिखल चिठ्ठी में इंदिरा गाँधी आपन पीड़ा के बखान कईले रहे| ओह चिठ्ठी में अपना के लाचार अउरी अकेला होखे के एहसास दिलवईले रही| अभी कुछ साल पहिले इमरजेंसी लगाके तानाशाह के रूप में चलावे के वाली श्रीमती गाँधी बेहद कमजोर प्रतीत होत रही|  उहे दूसरा तरफ चौ. चरण सिंह बहुत जल्द जेल भेजवावे के चाहत रहन| खुफिया एजेंसी अउरी पुलिस इंदिरा के तईयारी में लाग गईल|

इ सब चलते रहे कि बिहार के एगो छोट गाँव ‘बेलछी’ से एगो खबर आइल| एह गाँव में रहे वाला दलितन प हमला भईल अउरी लगभग 11 दलित लोगन के जला के मार देवल गईल| इंदिरा गाँधी बिना देर गईले ‘बेलछी’ गाँव जाए खातिर तईयार हो गईली| जुलाई महिना वाला बरियार बारिस के चलते आसपास बाढ़ के स्तिथि पैदा हो गईल रहे| बेलछी गाँव में संपर्क आस पास के गाँव अउरी जिलान से टूट चुकल रहे| अइसना में सलाह देवल गईल रहे कि इंदिरा गाँधी ‘बेलछी’ मत जास| इंदिरा गाँधी रवाना हो गईली| पाहिले जीप से कुछ गईली अउरी जहाँ जीप ना जा सकत रहे ओहिजा ट्रेक्टर से दूरी तय कईली| जहाँ ट्रेक्टर ना जा पावे के संभावना रहे ओहिजा हाथी से गईले लेकिन कोई के ना सुनली| जान के परवाह कईले बिना 60 साल के इंदिरा गाँधी ‘बेलछी’ जाए खातिर हाथी प सवार होक गईली| इ चीज लोगन के बहुत दिल तक छू गईल रहे| काहे कि खाली एके नेता श्रीमती गाँधी ओह दलितन से मिले आइल रही अउरी दुःख दर्द बाटे के कोशिश कईले रही|

इंदिरा गाँधी में जवना हिसाब से ‘बेलछी’ अउरी ‘बिहारशरीफ’ में स्वागत भईल उ एक प्रकार से इंदिरा गाँधी के हिम्मत देलस अउरी वापसी के बीज बोआए चालू हो गईल रहे| एह सब के बाद भी उनका अपना राजनितिक पारी में एगो वापसी के उम्मीद जागल| सरकार में शामिल गृहमंत्री चौधरी चरण सिंह के इ समझत तनिको देर ना लागल| चौ. चरण सिंह द्वारा एन. के. सिंह, पूर्व जॉइंट डायरेक्टर, सीबीआई के भेजल गईल ताकि उ जाके इंदिरा गाँधी के गिरफ्तार कर सकस| ओहिजा एगो बड़ा हास्यापद घटना भईल| पाहिले सीबीआई वाला लोग से पूछल गईल कि बिना अपॉइंटमेंट के कईसे आ गईल लोग? जब पता लागल कि जवना काम खातिर एन.के. सिंह के टीम उहाँ के आवास प गईल रहे ओकरा खातिर कवनो प्रकार के अपॉइंटमेंट के जरूरत ना परेला तब श्रीमंती गाँधी समझ गईली कि चौ. चरण सिंह गिरफ्तार करे खातिर भेजले बाड़े| लम्बा समय तक बहरी इन्तजार करवा के कुछ प्लान कईली| फिर औपचारिक भेंट सीबीआई के टीम से कईली| ओकरा बाद फिर तइयार होखे खातिर सीबीआई से समय मंगली अउरी अइसन देखावे के कोशिश कईली कि एकरा बारे में उनका पते ना रहे|

सफ़ेद साड़ी पहिनले इहाँ के घर से जेल जाए खातिर निकलनी जहाँ बहरी एगो आवाम खड़ा कईल गईल रहे, जेकरा के जनता पार्टी के विरोध में नारा लागावे के कहल गईल रहे| गाड़ी में बईठल श्रीमती गाँधी शीशा निचे करके जनता के सामने अपना आप के शोषित नेता के रूप में दर्शावे के कोशिश कईली| नाटक में मोड़ तब आइल जब इंदिरा गाँधी के गिरफ्तार करके पुलिस दिल्ली हरियाणा बॉर्डर के पास एगो रेलवे क्रासिंग प रुकल| संयोगवश कवनो गाड़ी पास होखे वाला रहे एह से क्रासिंग बंद कईल गईल रहे| तबे गाड़ी से कांग्रेस के लोग संजय गाँधी के साथे फ़िल्मी स्टाइल में ओही क्रासिंग प पहुच गईल| अइसना में स्तिथि बहुत नाजुक हो गईल| श्रीमती गाँधी दिल्ली से बहरी जाए के मना कर देली| उहाँ के निजी सचिव वार्रेंट के मांग कईले अउरी बहरी जाए प आपन विरोध जतवले| चुकी पुलिस के प्लान इ रहे कि इंदिरा गाँधी के फरीदबाद के पास बडखल ले जाके रखल जाव जवन हरियाणा में परेला| गंभीर स्तिथि होखला के चलते सीबीआई के आख़िरकार वापस दिल्ली ले जाए के प्लान बदले के परल|

रात भर हिरासत में राखला के बाद अगिला दिन कोर्ट में उहाँ के पेश कईल गईल| उहाँ पर चुनाव प्रचार खातिर जीप के खरीद बिक्री में भ्रष्टाचार के आरोप रहे| पहिला दाव बिहार के ‘बेलछी’ गाँव में लगा के सफल हो चुकल रही| दूसरा डाव उहाँ के गिरफ़्तारी के समय लगईनी| देश विदेश के पत्रकारन में एह बात के चर्चा होखे लागल कि नईकी बनल सरकार के अपना लोग के भलाई अउरी विकास करे के बजाए इंदिरा गाँधी से बदला लेवे में लाग गईल बा| इ नकारात्मक राजनीती कहीं न कहीं बहुत पीछे खिचे के कोशिश कईलस| एक प्रकार के दबाव बनवलस| इंदिरा गाँधी के इ सब निक लागत रहे काहे कि बोअल बिया अब अंकुरे शुरू हो चुकल रहे| जनता सरकार अपने बिछावल जाल में धीरे धीरे फसत जात रहे| एह घटना से इंदिरा गाँधी के कहीं न कहीं हमदर्दी जरूर मिलल| लेकिन एगो अउरी बरियार चुनौती उनका लगे सामने आ गइल| कुछ लोग के लागे लागल कि इंदिरा गाँधी के राजनितिक वजूद ख़तम होखे जा रहल बा| एह से पार्टी के अन्दर एगो विरोध शुरू हो गईल| एकरा चलते इंदिरा गाँधी के कांग्रेस-I नाम से पार्टी बनावे के पड़ गईल|

इंदिरा गाँधी दुनो फ्रंट प हिम्मत के साथे लड़त रही| पहिला कांग्रेस के भीतर के द्वन्द से अउरी दूसरा बहरी जनता पार्टी से| एही समय शाह कमीशन जवन आपातकाल के जाँच खातिर बनावल गईल रहे उ इंदिरा गाँधी के जांच पड़ताल खातिर बोलावे शुरू कर देलस| लेकिन उहाँ के लगातार के कमीशन के बायकाट करत रही| लेकिन जवन भी पेशी होत रहे उ बड़ा हास्यापद होत रहे| कबो गवाह के ब्यान प ताली बाजत रहे त कबो गाली गलौज| खासकर जब संजय गाँधी के पेशी होत रहे तब सबसे ज्यादा हाई भोल्टेज़ ड्रामा होत रहे| उहाँ के समर्थंक भी उहें के अराजकता वाला सिधांत से सरोकार रखत रहे लोग|  आपातकाल के समय के जब सब लोगन के पेशी होखे लागल ता ताज्जुब के बात इ रहे कि कांग्रेस के लोग इंदिरा गाँधी के ही खिलाफ बयान देके अपना सिरे से किनार करे के चाहत रहे| इहाँ तक कि तब के मंत्री लोग भी इंदिरा के खिलाफ ब्यान देवे लागल रहे| सिद्धार्थ शंकर रे, ब्रम्हानन रेड्डी अउरी हेमवते नंदन बहुगुणा जईसन लोगन के मिलाके एगो बरियार लिस्ट बा| एकर सार इहे रहे कि आपातकाल खातिर अगर कोई जिम्मेदार बा त सिर्फ इंदिरा गाँधी बाड़ी|

एही प आगे के चर्चा अगिला सप्ताह कि कईसे कांग्रेस सारा बाधा तुर के आपन राजनितिक जमीन के बहुत ही कम समय में पा लेलस|

 

See also  स्वतंत्र भारत के झांकी : भाग – 27
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